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CG : ’नवा तरिया से बदलेगी घुघरा की तस्वीर, जलसंरक्षण के साथ महिलाओं को मिलेगा आजीविका का सहारा’

’घुघरा में नवीन तालाब निर्माण से ग्रामीणों को रोजगार और सिंचाई की नई सौगात’

कोरिया

नवा तरिया से बदलेगी घुघरा की तस्वीर, जलसंरक्षण के साथ महिलाओं को मिलेगा आजीविका का सहारा’

कोरिया जिले के वनांचल क्षेत्र अंतर्गत जनपद पंचायत सोनहत की ग्राम पंचायत घुघरा में “नवा तरिया आय के जरिया” योजना के तहत नवीन तालाब निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीण श्रमिकों की सक्रिय सहभागिता से यह कार्य मनरेगा अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य जलसंरक्षण के साथ ग्रामीणों को स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है।

ग्राम पंचायत घुघरा को वित्तीय वर्ष 2026 में इस कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। पंचायत द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आगामी जून माह के मध्य तक तालाब निर्माण कार्य पूर्ण होने की संभावना है।

’ग्रामीण सहभागिता से मिल रही गति’
ग्राम पंचायत की सरपंच चंद्रवती गरूण एवं उपसरपंच रामभजन राजवाड़े ने बताया कि वरिष्ठ ग्रामीणों की सलाह और सहमति के बाद उपयुक्त स्थल का चयन किया गया। भूमिपूजन उपरांत बीते सप्ताह से निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है। ग्रामीणों का प्रयास है कि बारिश शुरू होने से पहले तालाब निर्माण पूर्ण हो जाए।

’20 लाख की लागत से बन रहा जलसंरक्षण का आधार’
मनरेगा अंतर्गत लगभग 20 लाख रुपए की स्वीकृति इस कार्य के लिए प्रदान की गई है, जिसमें 17 लाख 37 हजार रुपए श्रममूलक मद के अंतर्गत व्यय होंगे। ग्राम पंचायत घुघरा को निर्माण एजेंसी बनाया गया है।

निर्माणाधीन तालाब की लंबाई एवं चौड़ाई लगभग 70×70 मीटर निर्धारित की गई है। कार्य पूर्ण होने पर इसमें लगभग 6300 घनमीटर से अधिक जलभराव क्षमता विकसित होगी। प्रस्तावित 6 हजार 657 मानव दिवसों के विरुद्ध अब तक लगभग 500 मानव दिवस अकुशल श्रम का सृजन किया जा चुका है।

’महिलाओं की आजीविका और मत्स्य उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा’
यह नवीन तालाब आसपास के 16 परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएगा। इसके माध्यम से लगभग 3 हेक्टेयर क्षेत्र में बहुफसलीय सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। कार्यक्रम अधिकारी प्रतीक ने बताया कि महिलाओं की भागीदारी और आजीविका संवर्धन को ध्यान में रखते हुए कार्य पूर्ण होने के बाद तालाब को स्थानीय महिला समूह को हस्तांतरित किया जाएगा। तालाब में निर्धारित गहराई अनुसार आने वाले वर्षों में लगभग 10 से 15 क्विंटल तक मत्स्य उत्पादन संभव होगा, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी।

lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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